Raipur News : ED के समन के बाद कांग्रेस में खलबली, देर रात नेता प्रतिपक्ष के बंगले में बड़ी बैठक,

संक्षेप

कांग्रेस भवन में ED की दबिश से राजनीतिक सरगर्मी तेज

Raipur News : ED के समन के बाद कांग्रेस में खलबली, देर रात नेता प्रतिपक्ष के बंगले में बड़ी बैठक,

विस्तृत खबरें

न्यूज रूटीन @ रायपुर 25 फरवरी 2025। कांग्रेस भवन में ED की दबिश से राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इधर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बंगले पर देर रात बड़ी बैठक हुई। बैठक में ईडी के समन को लेकर चर्चा की गयी। आपको बता दें कि सुकमा और कोंटा में बने कांग्रेस भवन सहित चार बिंदुओं पर पार्टी के प्रभारी महामंत्री को ईडी ने समन दिया है। 27 को उन्हें पूछताछ के लिए महामंत्री को समन भेजा गया है। हालांकि कांग्रेस ने ईडी को पत्र भेजकर और समय मांगा है।

नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत के निवास में देर रात करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक में नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, शिव डहरिया, उमेश पटेल, धनेंद्र साहू के अलावे एडवोकेट फैजल रिजवी भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आगामी रणनीतियों को लेकर सीनियर नेताओ से चर्चा हुई है। हमारे पास एक एक रूपए का हिसाब है। हालांकि और समय के लिए ED को लिखे है।

आपको बता दें कि कवासी लखमा से पूछताछ के दौरान इस बात की जानकारी बाहर आयी थी, कि शराब घोटाले के पैसे का इस्तेमाल सुकमा और कोंटा के कांग्रेस कार्यालय में किया गया है। अब जानकारी मिल रही है कि इसी इनपुट की जांच को ईडी के अफसर आगे बढ़ा रहे हैं। ईडी के अफसर कांग्रेस भवन पहुंचे और कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू से पूछताछ की।

ईडी के अफसरों ने कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मलकीत गैदू से चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। सुकमा और कोंटा कांग्रेस कार्यालय के निर्माण में लगे पैसों की जानकारी मांगी गयी है।

4 बिंदुओं में ईडी ने मांगी जानकारी.

कांग्रेस भवन सुकमा और कोंटा के निर्माण शुरू और खत्म होने की जानकारी.

ठेकेदार/ठेकेदारों का नाम और उसकी पूरी जानकारी.

खरीदी गई भूमि सहित निर्माण में किया गया खर्च.
निर्माण के लिए पैसा किन स्रोत से मिला.
कांग्रेस ने उठाये सवाल

कांग्रेस भवन में ईडी के अफसरों की दबिश पर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा है कि उन्हें ंअभी जानकारी हुई है। एक साल से सिर्फ छापा चल रहा है। विरोधियों को डराने धमकाने की कार्रवाई हो रही है। सरकार सिर्फ लोगों को फंसाने का काम कर रही है।
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