Sarangarh news : सारंगढ़ के आशा निकेतन से वृद्ध दंपति को बाहर का रास्ता – गोरखनाथ ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की

संक्षेप

गोरखनाथ ने अपने साथ हुए अन्याय के लिए कलेक्टर से न्याय की मांग की

Sarangarh news : सारंगढ़ के आशा निकेतन से वृद्ध दंपति को बाहर का रास्ता – गोरखनाथ ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की

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न्यूज रूटीन @ सारंगढ़। अपने ही पुत्र से परेशान होकर माता _पिता को अपना घर छोड़ना पड़ा आखिर क्यों अपने पुत्र से परेशानियां हुई और सारंगढ़ के वह कौन  सा संस्था है जहां गोरख नाथ रह रहा था ? अपनी पत्नी के साथ उस संस्था ने भी उन्हें धक्के मार कर निकाल दिया जनदर्शन में जिला कलेक्टर से आवेदन देकर अपनी बात रखे क्या संस्था के जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही होगी .....? दो माह तक अब ठीक था अचानक कैसे संस्था से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया आखिर क्यों इनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया ....गोरख नाथ ने अपने साथ हुई सारी बात मीडिया के समक्ष रखे और बेबस नजर आए आखिर क्यों इन्हें संस्था से बाहर का रास्ता दिखाया गया जिसकी जांच होनी चाहिए ? 
गोरखनाथ नायक एक माध्यम परिवार से तालुक रखता है वह बरमकेला विकास खंड के खोरी गांव का निवासी है ।गोरखनाथ नायक और उनकी पत्नी पद्मा शारीरिक रूप से कमजोर है और वृद्ध भी हैं । उनके पुत्र नशा खोरी के वजह से अपने जिम्मेदारियों को भूल गया और अपने माता पिता के साथ मारपीट करता था परेशान करता था इस कारण गोरख नाथ को अपना घर छोड़ना पड़ा । घर छोड़कर वे सारंगढ़ इधर उधर घूम रहे रहे तो उन्हें आशा निकेतन वृद्ध आश्रम में इसी वर्ष  12 जनवरी 2026 को रहनेंके लिए छत मिला ।वहीं गोरखनाथ बताते हैं कि उनके पुत्र को नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया। इस तरह उनका परिवार बिखर जाता है । गोरख नाथ को 14 मार्च को सारंगढ़ आशा निकेतन वृद्धा आश्रम से वहां के जिम्मेदार लोग बाहर का रास्ता दिखा देते हैं तब वह वहां से सीधा सारंगढ़ कलेक्टर कार्यालय पहुंच जाता है कुछ जिम्मेदार अधिकारी उन्हें उस दिन सियान सदन को भेज देते है । आशा निकेतन न भेज कर सियान सदन के आश्रय लेने की सलाह दे दी जाती है । अपने साथ हुए अन्याय को वह सहन नहीं कर पाता और 16 मार्च को सारंगढ़ कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग करता है वहीं सारंगढ़ सीटी कोतवाली को भी एक आवेदन शिकायत करता है । उन्होंने अपने आवेदन में स्पष्ट लिखा है को उन्हें आशा निकेतन से धक्का मार कर निकाल दिया गया उनके साथ यहां भेद भाव होता था वहां के जिम्मेदार कई लोगों का नाम आवेदन में स्पष्ट लिखा गया है । उनकी पत्नी ने बताया कि वे जब थाने में थे तब उन्हें कौन ऐसा व्यक्ति है जो चार पहिए से उनको घर छोड़ने के बहाने जंगल में छोड़ वापस लौट आता है यह जांच का विषय है । आखिर उन्हें आशा निकेतन वृद्धा आश्रम से क्यों बाहर का रास्ता दिखाया गया ।  17 मार्च को गोरखनाथ फिर सारंगढ़ में जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देता है और अपने साथ हुए अन्याय के लिए न्याय की गुहार करता है । आशा निकेतन सरकारी वृद्धा आश्रम है फिर क्यों गोरखनाथ नायक और उसकी पत्नी पद्मा को वहां से भगा दिया जाता है आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें बाहर निकाल दिया । इस घटना के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी इस वृद्ध दंपति का सुध क्यों नहीं लिए । आखिर वह कौन है जो उन्हें सारंगढ़ से बरमकेला के जंगल में छोड़ भागा  पूरी घटना में आखिर कौन जिम्मेदार है इस विषय में जांच की जरूरत है ।
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