न्यूज रुटीन @ सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर आज फिर बरपा जब ग्राम बंजारी पेट्रोल पंप के पास एक अनियंत्रित XUV 300 ने एक राहगीर को रौंद दिया। घटनास्थल पर पहुंची ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भयानक थी कि पीड़ित को संभलने तक का अवसर नहीं मिला और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम बंजारी के ही निवासी के रूप में की है।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम के साथ गुस्सा भी तूल पकड़ गया। आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने सारंगढ़-रायगढ़ नेशनल हाईवे पर डैना जमाकर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम के दौरान ग्रामीणों ने मौके पर रोजमर्रा की जिंदगी को खतरा बताते हुए कहा कि जिले में तेज रफ्तार वाहनों और नियमों की अनदेखी से सड़कें अब यात्रा का साधन नहीं, बल्कि मौत का गलियारा बनती जा रही हैं।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें स्पष्ट हैं: फरार अज्ञात XUV चालक की तत्काल गिरफ्तारी तथा थानाध्यक्ष और जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई। उन्होंने साथ ही आगामी दिन में तेज रफ्तार पर नियंत्रण, सेफ्टी बैरियर व सड़क संकेतों की मरम्मत व अतिरिक्त ट्रैफिक पेट्रोलिंग की भी मांग उठाई।
घटना की सूचना मिलते ही सारंगढ़ थाना पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुँचा और चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों ने प्रारम्भिक जांच का हवाला देते हुए कहा कि वाहन की तलाशी व सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की जा रही है तथा सुराग मिलने पर गिरफ्तारी अति शीघ्र की जाएगी। घटना स्थल पर ट्रैफिक अवरोध हटाने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग सुझाए और एंबुलेंस व स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात रखा गया।
प्रदेश भर में तहसीलदार स्तर के कुछ अधिकारियों की हड़ताल के बावजूद सारंगढ़ तहसीलदार एन. के. सिन्हा ने तुरंत कदम उठाए और पीड़ित परिवार को सड़क दुर्घटना सहायता के रूप में तात्कालिक रूप से 25,000 रुपए देने के निर्देश दिए। तहसीलदार की इस पहल को ग्रामीणों में कुछ हद तक सांत्वना मिली और प्रशासन की सक्रियता के संकेत के रूप में देखा गया।
सारंगढ़‑बिलाईगढ़ नया बनता जिला होते हुए भी हाल के महीनों में जिला सड़कों पर तेजी से बढ़ रही दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नागरिक संगठनों का आरोप है कि तेज रफ्तार, खराब सड़क संकेत, अपर्याप्त ओवरटेकिंग ज़ोन और ट्रैफिक प्रवर्तन की कमी हादसों की मुख्य वजहें हैं। यह घटना फिर एक बार प्रशासन और ट्रैफिक विभाग के समक्ष सुरक्षा कदमों पर सवाल छोड़ती है।
पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है और कहा कि जांच पूरी होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर तैनाती बढ़ा दी है और आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक निगरानी तेज कर दी गई है।