न्यूज रूटीन @ रायपुर/बलरामपुर-रामानुजगंज, विशेष रिपोर्ट बसंतपुर थाना क्षेत्र में थाना परिसर से कथित तौर पर टायर और धान गायब होने का मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालों के घेरे में आ गया है। जिस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठनी चाहिए थी, उसमें उल्टा उस पत्रकार पर ही कार्रवाई कर गिरफ्तारी कर ली गई, जिसने इस घटनाक्रम को सामने लाने की खबर प्रकाशित की थी।
सूत्रों के अनुसार, बसंतपुर थाना में जब्त वाहन से टायर गायब होने और पुलिस कस्टडी से धान कम होने की बात सामने आई थी। इस मामले को स्थानीय पत्रकार रामहरी गुप्ता ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल देखी गई। खबर सामने आने के बाद थाना सुरक्षा व्यवस्था, जब्ती की निगरानी और पुलिस की जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल उठे।
लेकिन इसके बाद थाना बसंतपुर पुलिस ने पत्रकार रामहरी गुप्ता के खिलाफ धारा [308(2)(6)] के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की सूचना जारी कर दी। गिरफ्तारी सूचना पत्र में आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने का उल्लेख किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि थाना परिसर से सामान गायब होने जैसे गंभीर मामले की जांच करने के बजाय खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार पर कार्रवाई करना सवाल खड़े करता है। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं असली मुद्दे को दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि थाना परिसर से ही सामान सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए। वहीं पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया का काम सच को सामने लाना है, और खबर छापने पर ही कार्रवाई होना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। लोग मांग कर रहे हैं कि थाना परिसर से गायब हुए सामान की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर असली जिम्मेदार कौन है।